WHERE IS GOD?

When you refer to Existence of God, we generally take God as an object. Is God an objective identity, something which we can see, possess or claim of? When one talks of God as an object, it is something which he claims of a situation like a heaven where God may be residing, blesses us…

नींद भी जागरण हो सकती है।

हम जीवन का एक तिहाई समय सोने में गुजार देते हैं। मगर हमें यह पता ही नहीं होता कि हम कब सोए ? हमें जागने का तो भान रहता है कब तक जागे मगर सोते हम बेहोशी में हैं। क्योंकि हम जागने में जागे हुए नहीं जीवन को जीते इसलिए हमें नींद में जागरण का…

सच्ची प्रार्थना कैसे हो ?

परमात्मा के साथ हम दो तरह से जुड़ सकते हैं। एक दार्शनिक की तरह और दूसरा भक्त की तरह। दार्शनिक की प्रार्थना बौद्धिक है, हार्दिक नहीं। जबकि भक्त की प्रार्थना रस से पूर्ण होती है। एक माधुर्य का संबंध परमात्मा के साथ निर्मित होता है। परमात्मा के साथ हम कई तरह के संबंध स्थापित कर…

भयमुक्त कैसे हों ?

भयमुक्त चित ही परमात्मा को पा सकता है। परमात्मा यानी आनंद। यानी भय मुक्त चित् आनंद को पा सकता है। एक फकीर भय मुक्ति की इस अवस्था को पाने के लिए घने जंगल में गया। उसने जंगल में एक कुटिया बनाई। बीहड़ जंगल में डरावने डरावने जानवरों के बीच वह उस कुटीर में रहने लगा।…